बिहार ज़मीन सर्वे — प्रपत्र-2 (स्वघोषणा) कैसे भरें
बिहार विशेष सर्वे में हर ज़मीन मालिक को अपनी ज़मीन की स्वघोषणा (प्रपत्र-2) और पुश्तैनी ज़मीन के लिए वंशावली (प्रपत्र-3) देनी होती है। इसे dlrs.bihar.gov.in पर ऑनलाइन या गाँव के सर्वे शिविर में जमा किया जा सकता है। समय रहते जमा करना ज़रूरी है।
WhatsApp पर यह काम करवाएंयह क्या है?
बिहार में करीब सौ साल बाद विशेष भूमि सर्वेक्षण हो रहा है, जिसमें हर प्लॉट दोबारा मापा जा रहा है और मालिकाना दर्ज किया जा रहा है। अगर आपने अपनी ज़मीन की स्वघोषणा नहीं दी, तो रिकॉर्ड गलत या विवादित हो सकता है।
कैसे करें — आसान तरीका
- 1ज़मीन की जानकारी इकट्ठा करेंहर प्लॉट का खाता, खेसरा और रकबा तथा पुराने कागज़ तैयार रखें।
- 2प्रपत्र-2 (स्वघोषणा) भरेंअपनी ज़मीन का विवरण और वह कैसे मिली (खरीद/विरासत) — यह प्रपत्र-2 में भरें।
- 3वंशावली (प्रपत्र-3) जोड़ेंपुश्तैनी ज़मीन के लिए वंशावली बनाकर साथ लगाएं।
- 4दस्तावेज़ संलग्न करेंखतियान, रसीद/जमाबंदी, केवाला, मृत्यु प्रमाण-पत्र आदि जोड़ें।
- 5ऑनलाइन या शिविर में जमा करेंdlrs.bihar.gov.in पर अपलोड करें, या गाँव के सर्वे शिविर में अमीन को दें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- ✓खतियान (पुराना सर्वे रिकॉर्ड)
- ✓लगान रसीद / जमाबंदी
- ✓केवाला / रजिस्ट्री (खरीद हो तो)
- ✓मृत्यु प्रमाण-पत्र (विरासत हो तो)
- ✓वंशावली (पुश्तैनी ज़मीन के लिए)
- ✓आधार कार्ड
- ✓हर प्लॉट का खाता, खेसरा, रकबा
घर बैठे यह काम करवाएं
दस्तावेज़ की फोटो WhatsApp पर भेजिए — बाकी काम हम कर देंगे।
अभी मदद लेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सर्वे में स्वघोषणा देना ज़रूरी है?+
हाँ, बहुत ज़रूरी है। समय पर स्वघोषणा न देने पर आपकी ज़मीन का नया रिकॉर्ड गलत बन सकता है या विवादित हो सकता है, जिसे बाद में सुधारना मुश्किल होता है।
स्वघोषणा कहाँ जमा होती है?+
आप इसे dlrs.bihar.gov.in पर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं, या अपने गाँव के सर्वे शिविर में अमीन के पास जमा कर सकते हैं।
क्या यह काम घर बैठे हो सकता है?+
हाँ। आप दस्तावेज़ की फोटो WhatsApp पर भेजिए, हम प्रपत्र-2 और वंशावली तैयार करके आपकी ओर से जमा करने में मदद करते हैं।
यह भी देखें
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।