ज़मीन सेवाबिहार · भूमि सहायता

दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें (Mutation)

ज़मीन खरीदने या विरासत में मिलने के बाद उसे अपने नाम चढ़वाना दाखिल-खारिज (Mutation) कहलाता है — इसके बिना रिकॉर्ड में आप मालिक नहीं माने जाते। इसमें ऑनलाइन आवेदन, सही केवाला/रसीद और केस की जाँच-सुनवाई तक फॉलो-अप होता है; ज़रा सी गड़बड़ी से आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। पूरा तरीका नीचे दिया है। ध्यान रहे कि विरासत वाली ज़मीन पर सर्वे के समय वंशावली भी लगती है, जो आप यहीं मुफ़्त बना सकते हैं।

यह काम आप खुद कर सकते हैं

इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।

यह क्या है?

दाखिल-खारिज (Mutation) वह प्रक्रिया है जिसमें राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम चढ़ाया जाता है। ज़मीन खरीद, विरासत या बँटवारे के बाद यह ज़रूरी है।

इसमें क्या-क्या होता है

  1. 1सही दस्तावेज़ जुटानाकेवाला/रजिस्ट्री, पुरानी रसीद/जमाबंदी, आधार और (विरासत हो तो) मृत्यु प्रमाण-पत्र — सही कागज़ ज़रूरी हैं।
  2. 2सही आवेदन भरनाखाता-खेसरा-रकबा और मालिक की जानकारी में ज़रा सी गलती से आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
  3. 3केस नंबर और फॉलो-अपआवेदन के बाद केस नंबर मिलता है; अंचल की जाँच-सुनवाई तक समय-समय पर फॉलो-अप करना पड़ता है।
  4. 4केस नंबर सँभालकर रखेंआवेदन के बाद मिला केस नंबर ही स्टेटस देखने और सुनवाई में काम आता है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • ✓केवाला / रजिस्ट्री (खरीद हो तो)
  • ✓पुरानी जमाबंदी / लगान रसीद
  • ✓मृत्यु प्रमाण-पत्र (विरासत हो तो)
  • ✓आधार कार्ड
  • ✓खाता, खेसरा और रकबा

घर बैठे यह काम करवाएं

यह काम सरकारी पोर्टल पर निःशुल्क है। हम सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं।

यह काम आप खुद कर सकते हैं

इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?+

सामान्यतः कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों तक, यह अंचल और मामले पर निर्भर करता है। हम आवेदन सही ढंग से भरकर देरी और रिजेक्शन की संभावना घटाते हैं।

आवेदन रिजेक्ट क्यों होता है?+

अक्सर गलत जानकारी, अधूरे दस्तावेज़ या रकबा/खेसरा की गड़बड़ी से। इसीलिए सही आवेदन ज़रूरी है — इसमें हम मदद करते हैं।

क्या विरासत की ज़मीन का भी दाखिल-खारिज होता है?+

हाँ। पिता या दादा के नाम की ज़मीन को वारिसों के नाम चढ़वाने के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र और वंशावली के साथ आवेदन होता है।

यह भी देखें

⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।

मुफ़्त वंशावली बनाएं