दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें (Mutation)
ज़मीन खरीदने या विरासत में मिलने के बाद उसे अपने नाम चढ़वाने को दाखिल-खारिज कहते हैं। इसके लिए biharbhumi.bihar.gov.in पर रजिस्टर करें, ऑनलाइन आवेदन भरें, केवाला/दस्तावेज़ अपलोड करें और जमा करें। केस नंबर से स्टेटस देख सकते हैं।
WhatsApp पर यह काम करवाएंयह क्या है?
दाखिल-खारिज (Mutation) वह प्रक्रिया है जिसमें राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम चढ़ाया जाता है। ज़मीन खरीद, विरासत या बँटवारे के बाद यह ज़रूरी है।
कैसे करें — आसान तरीका
- 1बिहार भूमि पोर्टल पर जाएंbiharbhumi.bihar.gov.in खोलें और ‘ऑनलाइन दाखिल-खारिज’ चुनें।
- 2रजिस्टर / लॉगिन करेंमोबाइल नंबर और OTP से अपना अकाउंट बनाएं या लॉगिन करें।
- 3आवेदन फॉर्म भरेंज़मीन का ज़िला, अंचल, मौज़ा, खाता-खेसरा और मालिक की जानकारी भरें।
- 4दस्तावेज़ अपलोड करेंकेवाला/रजिस्ट्री, पुरानी रसीद और पहचान-पत्र की फोटो अपलोड करें।
- 5जमा करें और केस नंबर लेंआवेदन सबमिट करते ही केस नंबर मिलता है — इसे संभाल कर रखें।
- 6स्टेटस देखेंकेस नंबर से समय-समय पर स्टेटस देखें; ज़रूरत पड़ने पर अंचल में सुनवाई होती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- ✓केवाला / रजिस्ट्री (खरीद हो तो)
- ✓पुरानी जमाबंदी / लगान रसीद
- ✓मृत्यु प्रमाण-पत्र (विरासत हो तो)
- ✓आधार कार्ड
- ✓खाता, खेसरा और रकबा
घर बैठे यह काम करवाएं
दस्तावेज़ की फोटो WhatsApp पर भेजिए — बाकी काम हम कर देंगे।
अभी मदद लेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?+
सामान्यतः कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों तक, यह अंचल और मामले पर निर्भर करता है। हम आवेदन सही ढंग से भरकर देरी और रिजेक्शन की संभावना घटाते हैं।
आवेदन रिजेक्ट क्यों होता है?+
अक्सर गलत जानकारी, अधूरे दस्तावेज़ या रकबा/खेसरा की गड़बड़ी से। इसीलिए सही आवेदन ज़रूरी है — इसमें हम मदद करते हैं।
क्या विरासत की ज़मीन का भी दाखिल-खारिज होता है?+
हाँ। पिता या दादा के नाम की ज़मीन को वारिसों के नाम चढ़वाने के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र और वंशावली के साथ आवेदन होता है।
यह भी देखें
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।