प्रपत्र-2 PDF — बिहार ज़मीन सर्वे स्वघोषणा ऑनलाइन भरें
खाली प्रपत्र-2 की PDF नीचे मुफ़्त है, प्रिंट करके हाथ से भर लीजिए। या नीचे दिए टूल में ऑनलाइन भरिए: टूल मुफ़्त में जाँच देता है कि थाना नंबर, रकबा या वंशावली जैसी कोई कमी तो नहीं जिससे शिविर में प्रपत्र लौट जाए।
📄 खाली प्रपत्र-2 PDF — मुफ़्त डाउनलोड
प्रिंट निकालिए और हाथ से भर लीजिए। न नाम माँगा जाएगा, न नंबर, न पैसा।
हाथ से भरने में गलती का डर है? नीचे ऑनलाइन भरिए, टूल मुफ़्त में हर कमी पकड़ लेता है।
यह ज़मीन सेवा का बनाया सरल प्रारूप है, सरकारी फॉर्म की प्रति नहीं। शिविर में मिलने वाला फॉर्म थोड़ा अलग दिख सकता है।
1. आवेदक (रैयत) की जानकारी
2. ज़मीन का विवरण
हर प्लॉट का खाता, खेसरा और रकबा भरें — कितने भी प्लॉट जोड़ सकते हैं।
3. तैयार प्रपत्र-2
नमूनाप्रपत्र-2
स्वघोषणा (रैयत द्वारा) — बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण
मैं ____________, पिता श्री ____________, निवासी ग्राम ____________, थाना नं. ______, अंचल ______, ज़िला ______, एतद्द्वारा स्वघोषणा करता/करती हूँ कि निम्नलिखित भूमि मेरे/हमारे स्वामित्व एवं कब्ज़े में है:
| क्रम | खाता सं. | खेसरा सं. | रकबा | कैसे प्राप्त |
|---|---|---|---|---|
| 1 | — | — | — | खरीद (केवाला) |
घोषणा: उपरोक्त विवरण मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार पूर्णतः सत्य एवं शुद्ध है। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी के लिए मैं स्वयं उत्तरदायी रहूँगा/रहूँगी।
zameenseva.in · निजी सहायता सेवा (सरकारी विभाग नहीं)
🔍 मुफ़्त जाँच
जैसे-जैसे आप भरेंगे, यहाँ दिखता जाएगा कि कोई ऐसी कमी तो नहीं जिससे शिविर में प्रपत्र लौट जाए, जैसे थाना नंबर छूटना या रकबा अधूरा होना।
⚠️ 4 ऐसी कमी है जिससे प्रपत्र लौट सकता है
नीचे लिखी कमियाँ पहले ठीक कर लीजिए। यह जाँच बिल्कुल मुफ़्त है।
आवेदक का नाम या पिता/पति का नाम खाली है।
क्यों ज़रूरी है: स्वघोषणा में घोषणा करने वाले की पहचान ही मुख्य बात है। नाम अधूरा हो तो प्रपत्र स्वीकार नहीं होता।
क्या करें: दोनों नाम वैसे ही लिखें जैसे आधार और जमाबंदी में दर्ज हैं — वर्तनी अलग हुई तो मिलान नहीं होगा।
थाना नंबर नहीं भरा गया।
क्यों ज़रूरी है: बिहार में एक ही नाम के कई मौज़े होते हैं। रिकॉर्ड में मौज़ा थाना नंबर से पहचाना जाता है, इसलिए यह छूटने पर आपकी ज़मीन गलत मौज़े में जुड़ सकती है — और यह सबसे ज़्यादा छूटने वाला खाना है।
क्या करें: थाना नंबर आपकी जमाबंदी या मालगुज़ारी रसीद पर लिखा होता है। वहीं से देखकर भरें।
मौज़ा, अंचल या ज़िला अधूरा है।
क्यों ज़रूरी है: प्रपत्र किस अंचल के सर्वे शिविर में जाएगा, यह इसी से तय होता है।
क्या करें: तीनों वही लिखें जो आपकी जमाबंदी में दर्ज हैं।
एक भी प्लॉट दर्ज नहीं है।
क्यों ज़रूरी है: प्रपत्र-2 का पूरा मतलब ही यह बताना है कि आपके पास कौन-कौन सी ज़मीन है।
क्या करें: कम से कम एक खाता, खेसरा और रकबा भरें।
मोबाइल नंबर नहीं भरा या पूरा नहीं है।
क्यों ज़रूरी है: सर्वे की सूचना, आपत्ति और सुनवाई की तारीख़ इसी नंबर पर SMS से आती है। नंबर गलत हुआ तो सुनवाई छूट जाती है।
क्या करें: अपना चालू 10 अंकों का नंबर भरें।
साफ़ प्रति चाहिए? ₹199 — दोनों कागज़
- ✓ बिना “नमूना” निशान वाली पक्की प्रपत्र-2 — भुगतान के तुरंत बाद, इसी पेज पर
- ✓ इसी एक भुगतान में वंशावली भी — सर्वे में दोनों साथ जमा होते हैं, दूसरे कागज़ के लिए दोबारा पैसा नहीं लगता
- ✓ जमा करने की पूरी तैयारी — क्या साथ लगेगा, कहाँ जमा होगा, आगे क्या
- ✓ जितनी बार चाहें प्रिंट निकालिए या बदलाव कीजिए — कोई सीमा नहीं
- ✓ भुगतान के बाद आपका कागज़ किसी भी फ़ोन या कंप्यूटर पर खुल जाएगा
हम अधूरा कागज़ बेचकर पैसा नहीं लेते। ऊपर बताई कमियाँ ठीक करते ही भुगतान का बटन अपने-आप खुल जाएगा।
Cashfree से सुरक्षित भुगतान · UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग · भुगतान Pramila Business Solutions को जाता है
कोई दिक्कत हो तो ईमेल से पूछ लीजिए.
यह टूल कैसे काम करता है
- 1अपनी जानकारी भरेंनाम, पिता/पति का नाम, गाँव, थाना नंबर, अंचल, ज़िला और मोबाइल लिखें।
- 2ज़मीन के प्लॉट जोड़ेंहर प्लॉट का खाता, खेसरा, रकबा और वह कैसे मिली — जोड़ते जाएँ।
- 3मुफ़्त जाँच देखेंटूल बता देगा कि कोई ऐसी कमी तो नहीं जिससे सर्वे शिविर में प्रपत्र लौट जाए — यह जाँच मुफ़्त है।
- 4पक्की प्रति लेंजाँच पास होने पर ₹199 में बिना निशान वाला प्रपत्र-2 तुरंत डाउनलोड कर लीजिए।
प्रपत्र-2 क्या है और क्यों ज़रूरी है?
प्रपत्र-2 बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण की स्वघोषणा है, जिसमें हर ज़मीन मालिक अपनी ज़मीन का ब्योरा खुद घोषित करता है। समय पर या सही तरीके से न देने पर रिकॉर्ड गलत या विवादित बन सकता है। पुश्तैनी ज़मीन के लिए इसके साथ वंशावली (प्रपत्र-3) भी देनी होती है।
बिना निशान वाला पक्का प्रपत्र-2 चाहिए?
भुगतान करते ही पक्की प्रति खुल जाएगी, और इसी एक भुगतान में वंशावली भी शामिल है। साथ में जमा करने की पूरी तैयारी भी।
🔒 पक्की प्रति लें — ₹199अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खाली प्रपत्र-2 PDF कहाँ से डाउनलोड करें?+
इसी पेज पर सबसे ऊपर “PDF डाउनलोड करें” दबाइए। खाली फॉर्म बिल्कुल मुफ़्त है, न नाम माँगा जाता है न नंबर। प्रिंट निकालकर हाथ से भर लीजिए। यह हमारा बनाया सरल प्रारूप है; शिविर में मिलने वाला फॉर्म थोड़ा अलग दिख सकता है।
क्या यह प्रपत्र-2 टूल मुफ़्त है?+
प्रपत्र-2 बनाना और पूरी जाँच बिल्कुल मुफ़्त है —कमियाँ क्या हैं और उन्हें कैसे ठीक करना है, यह सब बिना पैसे के दिख जाता है। नमूना प्रति पर “नमूना” लिखा रहता है। बिना निशान वाली पक्की प्रति ₹199 में मिलती है और भुगतान के तुरंत बाद डाउनलोड हो जाती है।
प्रपत्र-2 को और किन नामों से खोजा जाता है?+
लोग इसे prapatra 2, प्रपत्र 2, “स्वघोषणा फॉर्म” या “सर्वे फॉर्म” भी लिखते हैं। ये सब एक ही कागज़ हैं — बिहार विशेष सर्वे में हर रैयत को देना होता है, और पुश्तैनी ज़मीन पर इसके साथ वंशावली (प्रपत्र-3) भी लगती है।
अगर जाँच में कमी निकली तो?+
तब भुगतान का बटन बंद रहता है। हम अधूरा प्रपत्र-2 बेचकर पैसा नहीं लेते। कमी ठीक करते ही बटन अपने-आप खुल जाता है।
प्रपत्र-2 में क्या-क्या भरना होता है?+
आपकी पहचान (नाम, पिता/पति का नाम, पता) और आपकी हर ज़मीन का खाता, खेसरा, रकबा तथा वह कैसे मिली (खरीद/विरासत/बँटवारा)। साथ में स्वघोषणा कि विवरण सही है।
क्या सिर्फ़ प्रपत्र-2 काफी है?+
पुश्तैनी (विरासत वाली) ज़मीन के लिए प्रपत्र-2 के साथ वंशावली (प्रपत्र-3) भी देनी होती है। हम दोनों सही फॉर्मेट में बनाकर जमा करने में मदद करते हैं।
क्या मोबाइल फोन से बन जाएगा?+
हाँ, यह टूल फोन पर भी आसानी से चलता है और PDF फोन में सेव हो जाती है।
यह भी देखें
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।