परिमार्जन — जमाबंदी में रिकॉर्ड सुधार कैसे करें
परिमार्जन से जमाबंदी में दर्ज गलतियाँ — नाम, खाता, खेसरा, रकबा या लगान — सुधारी जाती हैं (परिमार्जन प्लस)। इसके लिए सही सबूत और सही प्रकार का सुधार चुनना पड़ता है; गलत आवेदन से सुधार अटक जाता है और गलती बनी रहती है। अपनी जमाबंदी की गलती ठीक करवानी है तो हमें WhatsApp पर भेजिए।
WhatsApp पर यह काम करवाएंयह क्या है?
जब ज़मीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड (जमाबंदी) बनाते समय कोई गलती रह जाती है — गलत नाम, गलत रकबा, खेसरा या लगान — तो उसे सुधारने की प्रक्रिया परिमार्जन कहलाती है।
इसमें क्या-क्या होता है
- 1गलती पहचाननानाम, खाता, खेसरा, रकबा या लगान — क्या और कहाँ गलत है, यह सही पहचानना पड़ता है।
- 2सही सबूत जुटानाखतियान, रसीद या केवाला जैसे सबूत चाहिए, वरना सुधार आवेदन अटक जाता है।
- 3सही प्रकार से आवेदनपरिमार्जन प्लस में सही श्रेणी चुनकर आवेदन करना होता है; गलत श्रेणी से देरी होती है।
- 4हम सुधार करवाते हैंजमाबंदी और सबूत भेजिए — हम सही आवेदन करके ट्रैक करते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
- ✓वर्तमान जमाबंदी / लगान रसीद
- ✓खतियान या केवाला (सबूत के लिए)
- ✓आधार कार्ड
- ✓जो जानकारी सही करवानी है उसका विवरण
घर बैठे यह काम करवाएं
दस्तावेज़ की फोटो WhatsApp पर भेजिए — बाकी काम हम कर देंगे।
अभी मदद लेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
परिमार्जन और परिमार्जन प्लस में क्या अंतर है?+
परिमार्जन प्लस नया और बेहतर सिस्टम है जिसमें ज़्यादा तरह की गलतियाँ ऑनलाइन ठीक की जा सकती हैं। हम दोनों में मदद करते हैं।
क्या नाम की स्पेलिंग की गलती भी ठीक होती है?+
हाँ, नाम की वर्तनी, पिता का नाम, रकबा और खेसरा जैसी गलतियाँ सबूत के साथ ठीक करवाई जा सकती हैं।
सुधार में कितना समय लगता है?+
यह गलती के प्रकार और अंचल पर निर्भर करता है। सही सबूत के साथ आवेदन करने पर प्रक्रिया तेज़ होती है।
यह भी देखें
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।