ज़मीन सेवाबिहार · भूमि सहायता

खतियान और जमाबंदी ऑनलाइन कैसे देखें

खतियान पुराने सर्वे का रिकॉर्ड है (पुरखों के नाम) और जमाबंदी वर्तमान रिकॉर्ड (आज का दर्ज मालिक, रकबा, लगान)। ये बिहार भूमि पोर्टल पर मिलते हैं — पर सही रिकॉर्ड तभी, जब अंचल-हल्का-मौज़ा और खाता/खेसरा बिल्कुल सही हों; मिलते-जुलते मौज़ा से अक्सर उलझन होती है। सही खतियान/जमाबंदी चाहिए तो हमें भेजिए।

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यह क्या है?

खतियान पुराने सर्वे का रिकॉर्ड है जो बताता है कि सर्वे के समय ज़मीन का मालिक कौन था। जमाबंदी वर्तमान रिकॉर्ड (Record of Rights) है जिसमें अभी का दर्ज मालिक, रकबा और लगान होता है। ज़मीन का असली मालिक जानने के लिए दोनों देखे जाते हैं।

इसमें क्या-क्या होता है

  1. 1सही जगह पहचाननाअंचल, हल्का और मौज़ा एकदम सही चुनना पड़ता है; मिलते-जुलते नामों से अक्सर गलत रिकॉर्ड आ जाता है।
  2. 2सही तरीके से खोजनाखाता, खेसरा या नाम — सही तरह से खोजना पड़ता है, वरना ‘डेटा उपलब्ध नहीं’ या गलत रिकॉर्ड मिलता है।
  3. 3खतियान और जमाबंदी दोनोंमालिकाना समझने के लिए पुराना खतियान और वर्तमान जमाबंदी, दोनों मिलाकर देखने पड़ते हैं।
  4. 4हम निकालकर भेजते हैंजगह और खाता/खेसरा/नाम भेजिए — हम सही खतियान और जमाबंदी निकालकर भेज देते हैं।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • ज़िला, अंचल, हल्का, मौज़ा
  • खाता या खेसरा नंबर, या मालिक का नाम

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दस्तावेज़ की फोटो WhatsApp पर भेजिए — बाकी काम हम कर देंगे।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खतियान और जमाबंदी में क्या फ़र्क है?

खतियान पुराने सर्वे का रिकॉर्ड है (अक्सर दादा-परदादा के नाम), और जमाबंदी अभी का रिकॉर्ड है। मालिकाना समझने के लिए दोनों ज़रूरी हैं।

खेसरा नंबर से मालिक का नाम कैसे पता करें?

जमाबंदी पंजी में खेसरा नंबर डालकर खोजने पर वर्तमान दर्ज मालिक का नाम दिख जाता है। हम यह आपके लिए निकाल सकते हैं।

क्या डाउनलोड की गई कॉपी मान्य है?

ऑनलाइन कॉपी जानकारी के लिए उपयोगी है। प्रमाणित प्रति की ज़रूरत हो तो उसमें भी हम मार्गदर्शन देते हैं।

यह भी देखें

⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।

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