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प्रपत्र 2 में ज़मीन कैसे मिली — विरासत, खरीद या बँटवारा

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प्रपत्र 2 में ज़मीन कैसे मिली — विरासत, खरीद या बँटवारा

प्रपत्र 2 का एक छोटा-सा खाना सबसे ज़्यादा आवेदन लौटाता है, वह है ज़मीन कैसे मिली। इसी एक शब्द से तय होता है कि अंचल आपसे कौन-सा कागज़ माँगेगा। विरासत लिखी तो वंशावली, खरीद लिखी तो केवाला। गलत चुनने पर कागज़ मेल नहीं खाते और प्रपत्र रुक जाता है।

यह काम आप खुद कर सकते हैं

इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।

विरासत या पुश्तैनी

अगर ज़मीन आपके पिता, दादा या परदादा के नाम खतियान में है और आपके नाम कोई खरीद-बिक्री नहीं हुई, तो यह विरासत है। इसके साथ वंशावली लगती है, जिसमें खतियान में दर्ज व्यक्ति से लेकर आप तक का क्रम दिखे। स्वर्गीय सदस्यों के नाम के आगे स्वर्गीय लिखा होना चाहिए।

खरीदी हुई ज़मीन

अगर ज़मीन आपने किसी से खरीदी है तो खरीद लिखिए और निबंधित केवाला की प्रति लगाइए। केवाला का दस्तावेज़ संख्या, वर्ष और निबंधन कार्यालय का नाम लिख देना अच्छा रहता है। खरीदी हुई ज़मीन के लिए वंशावली की ज़रूरत नहीं पड़ती।

बँटवारे से मिली ज़मीन

भाइयों में बँटवारा हुआ हो तो बँटवारानामा साथ लगाइए और उसमें जो हिस्सा आपका है वही रकबा प्रपत्र में लिखिए। अगर बँटवारा सिर्फ़ मौखिक हुआ है और कागज़ नहीं बना, तो ज़मीन अब भी साझा मानी जाएगी, ऐसे में सभी हिस्सेदारों के नाम आना ही सुरक्षित रहता है।

दान या हिबा

दान में मिली ज़मीन के लिए दानपत्र या हिबानामा लगता है। यहाँ भी वही नियम है, जो कागज़ से मिला है वही लिखिए और वही कागज़ साथ रखिए।

एक ही प्रपत्र में अलग-अलग तरह की ज़मीन

कई परिवारों के पास कुछ ज़मीन पुश्तैनी होती है और कुछ खरीदी हुई। ऐसे में हर प्लॉट के आगे उसका अपना कारण लिखिए, सबके लिए एक ही नहीं। इस साइट पर प्रपत्र 2 भरते समय अगर किसी प्लॉट पर विरासत चुना जाता है तो जाँच अपने आप याद दिला देती है कि वंशावली भी साथ लगेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुश्तैनी ज़मीन पर वंशावली न लगाएँ तो क्या होगा?+

आवेदन अधूरा माना जाता है, क्योंकि यह साबित नहीं होता कि खतियान में दर्ज व्यक्ति से आपका क्या रिश्ता है। अक्सर यही सबसे बड़ी वजह होती है कि प्रपत्र लौट आता है।

केवाला पुराना है और नाम की स्पेलिंग अलग है, तो?+

केवाला वाली स्पेलिंग और आधार वाली स्पेलिंग दोनों का ज़िक्र कर दीजिए और दोनों कागज़ साथ लगाइए, ताकि अंचल मिलान कर सके।

ज़मीन दादा के नाम है और पिता जीवित हैं, तो किसके नाम प्रपत्र भरें?+

जो अभी वारिस है उसी के नाम भरिए, और वंशावली में दादा से लेकर आज तक का पूरा क्रम दिखाइए ताकि सिलसिला साफ़ रहे।

संबंधित सेवाएं

⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।

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