
जानकारी · ज़मीन सेवा
प्रपत्र 2 कैसे भरें — हर खाना क्या लिखें
प्रपत्र 2 वह कागज़ है जिसमें आप खुद घोषणा करते हैं कि कौन-सी ज़मीन आपकी है और वह आपको कैसे मिली। इसे कोई अधिकारी नहीं भरता, आप भरते हैं, इसलिए जो लिखा जाएगा वही रिकॉर्ड में जाने की कोशिश करेगा। यही वजह है कि हर खाना सोच-समझकर भरना पड़ता है।
यह काम आप खुद कर सकते हैं
इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।
पहला हिस्सा — आवेदक का विवरण
सबसे ऊपर अपना पूरा नाम वैसे ही लिखिए जैसे आधार और बाकी कागज़ों में है। पिता या पति का नाम, गाँव, मौज़ा, थाना नंबर, अंचल और ज़िला भरिए। नाम की स्पेलिंग अलग-अलग कागज़ों में अलग हो तो वही रूप चुनिए जो खतियान या रसीद में चल रहा है, क्योंकि मिलान वहीं से होगा।
दूसरा हिस्सा — ज़मीन का विवरण
हर प्लॉट के लिए खाता संख्या, खेसरा संख्या और रकबा लिखना होता है। एक ही प्रपत्र में आप अपने सारे प्लॉट जोड़ सकते हैं, हर प्लॉट की अलग पंक्ति बनती है। रकबा वही लिखिए जो कागज़ में दर्ज है, अंदाज़े से मत लिखिए। अगर किसी प्लॉट का कुछ हिस्सा बिक चुका है तो बचा हुआ रकबा लिखना होता है, पूरा पुराना नहीं।
तीसरा हिस्सा — ज़मीन कैसे मिली
हर प्लॉट के आगे बताना होता है कि वह आपको विरासत में मिली, खरीदी गई, दान में मिली या बँटवारे से आई। यह खाना खाली छोड़ना या गलत भर देना सबसे आम गलती है, क्योंकि इसी के आधार पर तय होता है कि साथ में कौन-सा कागज़ माँगा जाएगा।
आख़िरी हिस्सा — घोषणा और हस्ताक्षर
नीचे घोषणा होती है कि दी गई जानकारी सही है और गलत निकलने पर ज़िम्मेदारी आपकी होगी। तारीख़ डालिए, अपना हस्ताक्षर कीजिए और जो कागज़ साथ लगा रहे हैं उनकी सूची लिख दीजिए। प्रिंट निकालकर हाथ से हस्ताक्षर करना ज़रूरी है।
जो गलतियाँ प्रपत्र लौटा देती हैं
थाना नंबर छूट जाना, एक ही खेसरा दो बार लिख देना, रकबा और रसीद में फ़र्क, विरासत लिखकर वंशावली न लगाना, और खरीदी हुई ज़मीन पर केवाला का ज़िक्र न करना। इस साइट पर प्रपत्र 2 भरते ही यह जाँच अपने आप चलती है और बता देती है कि कहाँ कमी है, वह जाँच मुफ़्त है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्रपत्र 2 टाइप करके देना ज़रूरी है?+
ज़रूरी नहीं, हाथ से भरा हुआ भी चलता है। पर साफ़ लिखा और टाइप किया हुआ प्रपत्र पढ़ने में आसान होता है और नाम या अंक गलत पढ़े जाने की गुंजाइश घट जाती है।
क्या एक ही प्रपत्र में सारे प्लॉट लिख सकते हैं?+
हाँ। एक ही मौज़ा की सारी ज़मीन एक प्रपत्र में जोड़ी जा सकती है। हर प्लॉट की अलग पंक्ति बनाइए और खाता, खेसरा तथा रकबा अलग-अलग लिखिए।
क्या वंशावली साथ लगानी पड़ेगी?+
अगर कोई भी ज़मीन विरासत या पुश्तैनी बताई गई है तो हाँ, वंशावली साथ जाती है। खरीदी हुई ज़मीन के लिए केवाला की प्रति लगती है।
संबंधित सेवाएं
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।