
जानकारी · ज़मीन सेवा
प्रपत्र 2 कहाँ और कैसे जमा करें
प्रपत्र 2 भर लेना आधा काम है। दूसरा आधा यह है कि वह सही जगह जमा हो और उसका सबूत आपके पास रहे। जमा करने के दो रास्ते हैं, अपने मौज़ा का सर्वे शिविर और सरकारी पोर्टल। दोनों जगह कागज़ वही लगते हैं, बस तरीका अलग है।
यह काम आप खुद कर सकते हैं
इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।
पहला रास्ता — सर्वे शिविर
आपके मौज़ा में जब शिविर लगता है तो वहीं प्रपत्र जमा होता है। अमीन और कानूनगो वहीं बैठते हैं और भरने में मदद भी करते हैं, इसके पैसे नहीं लगते। जिनके पास इंटरनेट नहीं है या कागज़ पुराने और उलझे हुए हैं, उनके लिए यही रास्ता आसान रहता है।
दूसरा रास्ता — ऑनलाइन
dlrs.bihar.gov.in पर स्वघोषणा ऑनलाइन जमा की जा सकती है और वंशावली भी वहीं अपलोड होती है। आवेदन करते समय आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी आता है, इसलिए वह फ़ोन पास रखिए। यह सुविधा सरकार की तरफ़ से निःशुल्क है।
साथ क्या ले जाएँ
भरा और हस्ताक्षर किया हुआ प्रपत्र 2, विरासत वाली ज़मीन के लिए वंशावली, खतियान की छायाप्रति, हाल की लगान रसीद, खरीदी हुई ज़मीन का केवाला और आधार कार्ड। जितने प्लॉट हैं उन सबके कागज़ एक साथ रखिए, बार-बार जाना न पड़े।
पावती ज़रूर लीजिए
जमा करने के बाद रसीद या पावती लेना सबसे ज़रूरी कदम है। उसकी फोटो खींचकर सँभाल लीजिए। आगे कभी यह सवाल उठे कि आपने प्रपत्र दिया था या नहीं, तो यही एक कागज़ काम आता है।
जमा करने के बाद क्या होता है
इसके बाद किश्तवार और खानापुरी होती है, यानी ज़मीन की नाप और मौके का मिलान। उसके बाद खानापुरी पर्चा यानी प्रपत्र 7 निकलता है, जिसमें देखना होता है कि आपका नाम और रकबा सही चढ़ा या नहीं। गलती दिखे तो दावा-आपत्ति की अवधि में आपत्ति देना ही सही समय होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऑनलाइन और शिविर दोनों जगह देना पड़ेगा?+
नहीं, एक ही जगह देना काफ़ी है। दोनों जगह देने से रिकॉर्ड में दो प्रविष्टियाँ बन सकती हैं, इसलिए एक ही रास्ता चुनिए।
क्या जमा करने का कोई शुल्क लगता है?+
सरकारी पोर्टल पर और शिविर में जमा करना निःशुल्क है। किसी से भरवाने पर उसकी सेवा का शुल्क अलग बात है।
प्रपत्र जमा करने के बाद कुछ गलत दिखे तो?+
खानापुरी पर्चा आने पर उसे ध्यान से पढ़िए और दावा-आपत्ति की अवधि में लिखित आपत्ति दीजिए। यही वह चरण है जहाँ सुधार सबसे आसानी से होता है।
संबंधित सेवाएं
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।