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खानापुरी और किश्तवार क्या है — सर्वे में आगे क्या होगा

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खानापुरी और किश्तवार क्या है — सर्वे में आगे क्या होगा

प्रपत्र-2 और वंशावली जमा कर देना सर्वे का अंत नहीं, शुरुआत है। उसके बाद ज़मीन की मौके पर नाप होती है, रिकॉर्ड भरा जाता है, और फिर आपत्ति का मौका मिलता है। किस चरण पर आपको क्या करना है, यह न जानने से लोग अपनी बारी चूक जाते हैं, और गलत रिकॉर्ड बनने के बाद उसे सुधरवाना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है।

यह काम आप खुद कर सकते हैं

इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।

किश्तवार — मौके पर नाप

इस चरण में अमीन गाँव आकर प्लॉट दर प्लॉट ज़मीन की नाप करता है और नक्शा तैयार करता है। यही वह दिन है जब आपको अपने खेत पर मौजूद रहना चाहिए। सीमा, मेड़ और कब्ज़े की बात मौके पर ही तय होती है। उस दिन गैरहाज़िर रहे तो पड़ोसी की बताई सीमा रिकॉर्ड में चढ़ सकती है।

खानापुरी — रिकॉर्ड में नाम चढ़ना

नाप के बाद रिकॉर्ड भरा जाता है, जिसमें प्लॉट के साथ रैयत का नाम, रकबा और प्रकृति दर्ज होती है। आपने प्रपत्र-2 में जो लिखा और अमीन ने मौके पर जो देखा, दोनों यहीं मिलते हैं। दोनों में फ़र्क हुआ तो वही आगे आपत्ति का कारण बनता है।

प्रारूप प्रकाशन और दावा-आपत्ति

इसके बाद तैयार रिकॉर्ड का प्रारूप प्रकाशित होता है। यही आपका मौका है कि आप देखें कि आपके नाम, रकबा और सीमा सही चढ़े या नहीं। कुछ गलत हो तो तय समय में आपत्ति दर्ज कीजिए। इस चरण में सुधार आसान है, और बाद में वही सुधार परिमार्जन या मुकदमे का लंबा रास्ता बन जाता है।

हर चरण पर आपको क्या करना है

पहले प्रपत्र-2 और, पुश्तैनी ज़मीन पर, वंशावली सही-सही जमा कीजिए। किश्तवार के दिन खेत पर मौजूद रहिए और पुराने कागज़ साथ रखिए। खानापुरी के बाद प्रारूप ज़रूर देखिए। और हर जमा किए कागज़ की रसीद सँभालकर रखिए, क्योंकि आपत्ति के समय वही आपका सबूत है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किश्तवार के दिन क्या साथ रखें?+

जमाबंदी या रसीद, खतियान की कॉपी, केवाला अगर ज़मीन खरीदी है, और आधार। सीमा को लेकर पड़ोसी से बात पहले ही साफ़ कर लें तो बेहतर।

अगर नाप के दिन मैं गाँव में न रहूँ?+

परिवार के किसी सदस्य को कागज़ों के साथ मौजूद रखिए। कोई न हो तो अंचल कार्यालय में पहले ही सूचना दे दीजिए।

प्रारूप में नाम गलत चढ़ गया तो?+

दावा-आपत्ति की तय अवधि में आपत्ति दर्ज कीजिए और सबूत लगाइए। यही सबसे आसान और सस्ता समय होता है सुधार का।

कागज़ अभी तक जमा नहीं किए तो?+

प्रपत्र-2 और वंशावली इसी साइट पर मुफ़्त बना सकते हैं। जाँच भी मुफ़्त है, जिससे पता चल जाता है कि कागज़ लौटने लायक कमी तो नहीं।

संबंधित सेवाएं

⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।

मुफ़्त वंशावली बनाएं