
जानकारी · ज़मीन सेवा
गैरमजरूआ ज़मीन क्या है और सर्वे में क्या करें
सर्वे के कागज़ में अपनी ज़मीन के आगे गैरमजरूआ लिखा देखकर बहुत लोग घबरा जाते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि रिकॉर्ड में वह ज़मीन किसी रैयत के नाम दर्ज नहीं, बल्कि सरकार की मानी गई है। घबराने से पहले यह देखना ज़रूरी है कि किस तरह की गैरमजरूआ लिखी है, क्योंकि दोनों का मतलब और रास्ता अलग-अलग होता है।
यह काम आप खुद कर सकते हैं
इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।
दो तरह की गैरमजरूआ
मोटे तौर पर रिकॉर्ड में दो तरह की गैरमजरूआ मिलती है। गैरमजरूआ आम वह होती है जो सबके साझा उपयोग की मानी जाती है, जैसे रास्ता, गली, तालाब, श्मशान या चरागाह। गैरमजरूआ मालिक वह होती है जो सरकार के नाम दर्ज है पर बंदोबस्त की जा सकती है। आम वाली पर दावा बहुत मुश्किल होता है, मालिक वाली पर बात कागज़ पर निर्भर करती है।
आपकी ज़मीन गैरमजरूआ क्यों दिख सकती है
कई वजहें होती हैं। पुराने खतियान में वह ज़मीन सरकार के नाम रही हो, बंदोबस्त हुआ हो पर रिकॉर्ड में न चढ़ा हो, पीढ़ियों से कब्ज़ा हो पर कोई कागज़ न बना हो, या नाप के समय खेसरा की पहचान में गड़बड़ी हो गई हो। कभी-कभी सिर्फ़ खेसरा नंबर गलत मिलान होने से भी ऐसा दिख जाता है।
सबसे पहले यह जाँचिए
पुराना खतियान निकालिए और देखिए कि उसमें उस खेसरे पर किसका नाम है। अपनी मालगुज़ारी रसीद देखिए, क्योंकि लगातार लगान जमा होना एक अहम कागज़ है। अगर बंदोबस्त या पर्चा मिला था तो वह ढूँढ़िए। और यह भी मिलाइए कि खेसरा नंबर सचमुच वही है जिस पर आपका कब्ज़ा है।
सर्वे में क्या करना है
प्रपत्र-2 में अपनी ज़मीन का विवरण साफ़-साफ़ भरिए और जो भी कागज़ हैं वे लगाइए। पर्चा तैयार होने पर देखिए कि क्या दर्ज हुआ। अगर गलत लगे तो दावा-आपत्ति की अवधि में आपत्ति दीजिए। इस चरण को छोड़ देना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि उसके बाद रास्ता लंबा हो जाता है।
एक सलाह जो कोई नहीं देता
गैरमजरूआ का मामला बाकी सुधारों जैसा आसान नहीं होता, और यह अक्सर सरकारी ज़मीन से जुड़ा होता है। अगर आपके पास कागज़ कमज़ोर हैं तो किसी जानकार से सलाह लेकर ही आगे बढ़िए। जो लोग जल्दी और पक्का काम कराने का भरोसा देकर पैसे माँगते हैं, उनसे सावधान रहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गैरमजरूआ आम पर दावा हो सकता है?+
यह साझा उपयोग की ज़मीन मानी जाती है, इसलिए इस पर दावा बहुत मुश्किल होता है। रास्ता, तालाब या चरागाह इसी श्रेणी में आते हैं।
क्या सिर्फ़ रसीद से ज़मीन अपने नाम हो जाएगी?+
रसीद अपने आप में अकेला प्रमाण नहीं है, पर लगातार लगान जमा होना एक अहम सहायक कागज़ है। इसे बाकी कागज़ों के साथ लगाइए।
कब्ज़ा पीढ़ियों से है, कागज़ नहीं?+
यह अलग स्थिति है और इसमें सबूत जुटाना पड़ता है। ऐसे मामले में जानकार से सलाह लेकर ही आपत्ति दीजिए।
मेरे बाकी कागज़ अधूरे हैं?+
प्रपत्र-2 और वंशावली इसी साइट पर मुफ़्त बन जाते हैं और जाँच भी मुफ़्त है, जिससे कागज़ लौटने लायक कमी पहले ही पकड़ में आ जाती है।
संबंधित सेवाएं
⚠️ ज़मीन सेवा एक निजी सहायता सेवा है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और किसी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है; हम केवल सेवा/सहायता शुल्क लेते हैं।