
जानकारी · ज़मीन सेवा
अमीन की नाप और आपकी रसीद में फ़र्क हो तो क्या करें
किश्तवार के दिन अक्सर यह होता है कि अमीन की नाप और आपकी रसीद में लिखा रकबा एक जैसा नहीं निकलता। यह हमेशा किसी की बेईमानी नहीं होती, अक्सर इसकी वजह पुराने रिकॉर्ड और आज की ज़मीनी हालत का फ़र्क होती है। पर चुप रह जाना सबसे बुरा रास्ता है, क्योंकि मौके पर कही गई बात बाद में साबित करने से कहीं आसान होती है।
यह काम आप खुद कर सकते हैं
इस पेज पर पूरा तरीका दिया है, और सरकारी पोर्टल पर यह निःशुल्क है। हम सिर्फ़ ज़मीन सर्वे के दो कागज़ बनाते हैं — वे तुरंत, बिना इंतज़ार के मिल जाते हैं।
फ़र्क आता क्यों है
पुरानी नाप और आज की डिजिटल नाप के तरीके अलग हैं। कई पुराने रिकॉर्ड दशकों पहले के हैं और तब की इकाई और तरीका अलग था। इसके अलावा मेड़ खिसक जाना, रास्ता या नाला निकल जाना, हिस्सा बँट जाना या कब्ज़ा बदल जाना, ये सब रकबा बदल देते हैं। इसलिए थोड़ा फ़र्क आम बात है।
मौके पर ही यह कीजिए
सबसे पहले अपनी रसीद या जमाबंदी वहीं दिखाइए और अमीन से कहिए कि रिकॉर्ड में इतना दर्ज है। जो नाप हुई है वह लिखवा लीजिए और हो सके तो फोटो ले लीजिए। अगर पड़ोसी की मेड़ को लेकर बात है तो उन्हें भी वहीं बुला लीजिए। बहस मत कीजिए, बात कागज़ पर दर्ज कराइए, यही काम आता है।
अगर नाप कम निकली
पहले देखिए कि कहीं आपका ही कोई हिस्सा किसी और के नाम तो नहीं चढ़ गया, या पास का कोई प्लॉट आपकी सूची से छूट तो नहीं गया। कई बार रकबा घटा नहीं होता, बस किसी और खेसरे में चला गया होता है। पूरा रिकॉर्ड मिलाइए, सिर्फ़ एक प्लॉट देखकर नतीजा मत निकालिए।
अगर नाप ज़्यादा निकली
इसे तुरंत अपने फ़ायदे का सौदा मत समझिए। ज़्यादा ज़मीन का मतलब यह भी हो सकता है कि किसी और की ज़मीन या सरकारी ज़मीन आपके खाते में जुड़ गई है, और आगे चलकर वही आपत्ति और मुकदमे की वजह बनती है। सही यही है कि जो असल में आपका है, उतना ही दर्ज हो।
उसके बाद का रास्ता
नाप के बाद जो पर्चा तैयार होता है उसे ज़रूर देखिए। अगर उसमें भी वही फ़र्क बना हुआ है, तो दावा-आपत्ति की अवधि में आपत्ति दीजिए और अपनी रसीद, खतियान और मौके की फोटो लगाइए। इस चरण में सुधार सबसे आसान है, बाद में यही काम कई गुना मुश्किल हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुझे नाप के दिन खेत पर रहना ज़रूरी है?+
बहुत ज़रूरी है। आप न हों तो सीमा पड़ोसी की बताई हुई मान ली जाती है, और वही रिकॉर्ड में चढ़ जाती है।
गाँव से बाहर हूँ तो क्या करूँ?+
परिवार के किसी सदस्य को कागज़ों के साथ मौजूद रखिए, और अंचल कार्यालय में पहले सूचना दे दीजिए।
थोड़ा-सा फ़र्क है, छोड़ दूँ?+
बहुत मामूली फ़र्क आम है, पर पर्चे में देखकर तय कीजिए। जो फ़र्क आपके हिस्से या सीमा को छूता है, उसे कभी मत छोड़िए।
मेरे कागज़ ही पूरे नहीं हैं?+
प्रपत्र-2 और वंशावली इसी साइट पर मुफ़्त बना लीजिए। जाँच भी मुफ़्त है, जिससे पता चल जाता है कि कागज़ लौटने लायक कोई कमी तो नहीं।
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